श्री आदिनाथ जिनपूजा

श्री आदिनाथ जिनपूजा

श्री आदिनाथ जिनपूजा नाभिराय मरुदेवि के नंदन, आदिनाथ स्वामी महाराज। सर्वारथसिद्धि तैं आप पधारे, मध्यम लोक मांहि जिनराज।। इंद्रदेव सब...

सोलहकारण व्रत

सोलहकारण व्रत

मेघमालाषोडशकारणञ्चैतद्द्वयं समानं प्रतिपद्दिनमेव द्वयोरारम्भं मुख्यतया करणीयम्। एतावान् विशेष: षोडशकारणे तु आश्विनकृष्णा प्रतिपदा एव पूर्णाभिषेकाय गृहीता भवति, इति नियम:। कृष्णपंचमी तु...

सुगंधदशमी व्रत

सुगंधदशमी व्रत

जम्बूद्वीप के विजयार्ध पर्वत की उत्तरश्रेणी में शिवमंदिर नाम का एक नगर है। वहाँ का राजा प्रियंकर और रानी मनोरमा...

सुखचिन्तामणि व्रत का स्वरूप

सुखचिन्तामणि व्रत का स्वरूप

उच्यते, सुखचिन्तामणौ चतुर्दशी चतुर्दशवं, एकादश्येकादशवं, अष्टम्यष्टवं, पंचमी पंचकं, तृतीया त्रिकमेवमुपवासा: एकचत्वारिंशत्। न कृष्णपक्षशुक्लपक्षगतो नियम:, केवलां तिथिं नियम्य भवन्तीति उपवासा:। अस्य...

सिंह निष्क्रीडित व्रत

सिंह निष्क्रीडित व्रत

सिंह निष्क्रीड़ित विधि-सिंह निष्क्रीडित व्रत जघन्य, मध्यम और उत्कृष्ट के भेद से तीन प्रकार है। इनमें से प्रथम ही जघन्य...

सर्वार्थसिद्धि व्रत

सर्वार्थसिद्धि व्रत

कार्तिक सुदी अष्टमी से लगातार आठ दिन उपवास किये जाते हैं तथा कार्तिक सुदी सप्तमी का एकाशन कर मार्गशीर्ष वदी...

सर्वसंपत् व्रत(पुत्र संपत व्रत)

सर्वसंपत् व्रत(पुत्र संपत व्रत)

संसार में जितने भी सुख हैं, पुत्रप्राप्ति, सौभाग्य, संपत्ति, आदि भी धार्मिक व्रतों के प्रभाव से प्राप्त होते हैं। सौभाग्यवती...

सर्वदोषप्रायश्चित्त व्रत विधि

सर्वदोषप्रायश्चित्त व्रत विधि

यह व्रत ३३ प्रकार की अत्यासादना को दूर करके आत्मशुद्धि के लिए किया जाता है। इसमें ३३ व्रत होते हैं।...

सम्यक्त्व पचीसी व्रत

सम्यक्त्व पचीसी व्रत

व्रत की विधि—सम्यग्दर्शन की प्राप्ति और विशुद्धि के लिए यह व्रत किया जाता है। आठ अंगपूर्वक सम्यक्त्व को धारण करके...

सम्मेदशिखर व्रत विधि

सम्मेदशिखर व्रत विधि

सम्मेदशिखर सिद्धक्षेत्र शाश्वत तीर्थ है। यहाँ से हमेशा चतुर्थकाल में तीर्थंकर भगवान एवं असंख्यातों मुनिगण मोक्ष प्राप्त करते रहे हैं...