ह्रीं प्रतिमा की पूजा

ह्रीं प्रतिमा की पूजा

ह्रीं प्रतिमा की पूजा रचयित्री-आर्यिका चन्दनामती -शंभु छंद- सब बीजाक्षर में ह्रीं एक, बीजाक्षर पद कहलाता है। यह एक अक्षरी...

हस्तिनापुर तीर्थ पूजा

हस्तिनापुर तीर्थ पूजा

हस्तिनापुर तीर्थ पूजा स्थापना-गीता छंद श्री शांति कुंथू अर जिनेश्वर, जन्म ले पावन किया। दीक्षा ग्रहण कर तीर्थ यह, मुनिवृन्द...

सोलहकारण पूजा

सोलहकारण पूजा

सोलहकारण पूजा[षोडशकारण व्रत में] -अथ स्थापना-गीता छंद- दर्शनविशुद्धी आदि सोलह, भावना भवनाशिनी। जो भावते वे पावते, अति शीघ्र ही शिवकामिनी।।...

भगवान श्री सुमतिनाथ जिनपूजा

भगवान श्री सुमतिनाथ जिनपूजा

भगवान श्री सुमतिनाथ जिनपूजा -अथ स्थापना-गीता छंद- श्रीसुमति तीर्थंकर जगत में, शुद्धमति दाता कहे। निज आतमा को शुद्ध करके, लोक...

भगवान श्री सुपार्श्वनाथ जिनपूजा

भगवान श्री सुपार्श्वनाथ जिनपूजा

भगवान श्री सुपार्श्वनाथ जिनपूजा -अथ स्थापना-नरेन्द्रछंद- श्री सुपार्श्व के चरण कमल में, गणधर गुरु शिर नाते। मुनिगण स्वात्म रसास्वादी भी,...

सुदर्शन मेरु पूजा

सुदर्शन मेरु पूजा

सुदर्शन मेरु पूजा अथ स्थापना-शंभु छंद त्रिभुवन के बीचों बीच कहा, सबसे ऊँचा मंदर पर्वत। सोलह चैत्यालय हैं इस पर,...

सिद्धपदप्राप्त सुदर्शन महामुनिराज की पूजा

सिद्धपदप्राप्त सुदर्शन महामुनिराज की पूजा

सिद्धपदप्राप्त सुदर्शन महामुनिराज की पूजा -प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका चन्दनामती -स्थापना- सिद्धीकन्या के नाथ सुदर्शन सेठ परम आराध्य बने। उपसर्ग विजेता शील...

सिद्ध पूजा

सिद्ध पूजा

सिद्ध पूजा ऊध्र्वाधोरयुतं सबिन्दु सपरं ब्रह्म-स्वरावेष्टितं, वर्गापूरित-दिग्गताम्बुज-दलं तत्संधि-तत्त्वान्वितं। अंत: पत्र-तटेष्वनाहत-युतं ह्रींकार-संवेष्टितं। देवं ध्यायति य: स मुक्तिसुभगो वैरीभ-कण्ठी-रव:।।१।। ॐ ह्रीं श्रीसिद्धचक्राधिपते!...

सिद्ध परमेष्ठी पूजा [सर्वार्थसिद्धि व्रत में]

सिद्ध परमेष्ठी पूजा [सर्वार्थसिद्धि व्रत में]

सिद्ध परमेष्ठी पूजा[सर्वार्थसिद्धि व्रत में] –स्थापना–गीता छन्द– श्री सिद्ध परमेष्ठी अनन्तानन्त त्रैकालिक कहे। त्रिभुवन शिखर पर राजते, वह सासते स्थिर...

सरस्वती पूजा

सरस्वती पूजा

सरस्वती पूजा[शारदा व्रत ,श्रुतस्कंध व्रत,श्रुतज्ञान व्रत,ज्ञान पचीसी व्रत में] जिनदेव के मुख से खिरी, दिव्यध्वनी अनअक्षरी। गणधर ग्रहण कर द्वादशांगी,...