।। श्री पार्श्वनाथ चालीसा ।। Shri Parshvnath Chalisa

।। श्री पार्श्वनाथ चालीसा ।। Shri Parshvnath Chalisa

शीश नवा अरिहंत को, सिद्धन करुं प्रणाम |उपाध्याय आचार्य का ले सुखकारी नाम |सर्व साधु और सरस्वती, जिन मन्दिर सुखकार |अहिच्छत्र और पार्श्व को, मन मन्दिर...

श्री नेमिनाथ- चालीसा

श्री नेमिनाथ- चालीसा

नेमिनाथ महाराज का, चालीसा सुखकार।मोक्ष प्राप्ति के लिए, कहूँ सुनो चितधार।।चालीसा चालीस दिन, तक कहो चालीस बार।बढ़े जगत सम्पत्ति सुमत,...

।।श्री नमिनाथ चालीसा।। Shri  Naminath Chalisa

।।श्री नमिनाथ चालीसा।। Shri Naminath Chalisa

श्री नमिनाथ चालीसासतत पूज्यनीय भगवान, नमिनाथ जिन महिभावान ।भक्त करें जो मन में ध्याय, पा जाते मुक्ति-वरदान ।जय श्री नमिनाथ...

।।श्री मुनिसुव्रतनाथ चालीसा।। Shri Munisuvrath Chalisa

।।श्री मुनिसुव्रतनाथ चालीसा।। Shri Munisuvrath Chalisa

।।श्री मल्लिनाथ चालीसा।। Shri Mallinath Chalisa

।।श्री मल्लिनाथ चालीसा।। Shri Mallinath Chalisa

मोहमल्ल मद-मर्दन करते, मन्मथ दुर्द्धर का मद हरते ।।धैर्य खड्ग से कर्म निवारे, बालयति को नमन हमारे ।।बिहार प्रान्त ने...

।।श्री अरहनाथ चालीसा।। Shri Arahnath Chalisa

।।श्री अरहनाथ चालीसा।। Shri Arahnath Chalisa

श्री अरहनाथ जिनेन्द्र गुणाकर, ज्ञान-दरस-सुरव-बल रत्ऩाकर ।कल्पवृक्ष सम सुख के सागर, पार हुए निज आत्म ध्याकर ।अरहनाथ नाथ वसु अरि...

।।श्री कुन्थनाथ चालीसा।। Shri Kunthunath Chalisa

।।श्री कुन्थनाथ चालीसा।। Shri Kunthunath Chalisa

दयासिन्धु कुन्थु जिनराज, भवसिन्धु तिरने को जहाज ।कामदेव… चक्री महाराज, दया करो हम पर भी आज ।जय श्री कुन्युनाथ गुणखान,...

Shri Shantinath Chalisa ।।श्री शान्तिनाथ चालीसा।।

Shri Shantinath Chalisa ।।श्री शान्तिनाथ चालीसा।।

शान्तिनाथ भगवान का, चालीसा सुखकार ।।मोक्ष प्राप्ति के लिय, कहूँ सुनो चितधार ।।चालीसा चालीस दिन तक, कह चालीस बार ।।बढ़े...

Shri Dharam Nath Chalisa ।। श्री धर्मनाथ चालीसा ।।

Shri Dharam Nath Chalisa ।। श्री धर्मनाथ चालीसा ।।

उत्तम क्षमा अदि दस धर्म,प्रगटे मूर्तिमान श्रीधर्म ।जग से हरण करे सन अधर्म, शाश्वत सुख दे प्रभु धर्म ।। नगर...

।।श्री अनन्तनाथ चलीसा।। Shri Anantnath Chalisa

।।श्री अनन्तनाथ चलीसा।। Shri Anantnath Chalisa

अनन्त चतुष्टय धारी ‘अनन्त, अनन्त गुणों की खान “अनन्त’ ।सर्वशुध्द ज्ञायक हैं अनन्त, हरण करें मम दोष अनन्त ।नगर अयोध्या...