‘‘कर्मव्यवस्था पर टिका है जैन सिद्धान्त’’

‘‘कर्मव्यवस्था पर टिका है जैन सिद्धान्त’’

प्रस्तुति- आर्यिका चंदनामती संसार और मोक्ष की समस्त व्यवस्था कर्म के आधीन है। जिस सृष्टि की रचना में लोक परम्परानुसार...

संस्कृत तत्त्वार्थश्लोकवार्तिक में कर्मास्रव की दार्शनिक मीमांसा

संस्कृत तत्त्वार्थश्लोकवार्तिक में कर्मास्रव की दार्शनिक मीमांसा

पुद्गल में विपाक करने वाले शरीर और अंगोपाङ्ग नामकर्म की प्रकृति का उदय होने पर मन, वचन और काय से...

जैनधर्म का कर्म सिद्धान्त

जैनधर्म का कर्म सिद्धान्त

सुदर्शन — गुरूजी ! कर्म किसे कहते हैं ? गुरूजी —जिसके द्वारा जीव परतंत्र किया जाता है वह कर्म है । इस कर्म...

जैन कर्मसिद्धान्त और मनोविज्ञान

जैन कर्मसिद्धान्त और मनोविज्ञान

भारतीय दर्शन जीवन—दर्शन है। इसमें भी जैन चिन्तन—धारा का अनुपम स्थान है। इसमें आत्मा, परमात्मा, लोक और कर्म आदि दार्शनिक...

जैन कर्म सिद्धान्त-एक वैज्ञानिक दृष्टि

जैन कर्म सिद्धान्त-एक वैज्ञानिक दृष्टि

जिनेशचन्द्र जैन देवयानी कॉम्प्लेक्स, जयनगर, जबलपुर—४८२००२, सम्पर्क—९८२६११११४९ ‘सारांश कर्म सिद्धान्त जैनदर्शन की आधारशिला है। रसायन शास्त्र के विद्यार्थी सुधी लेखक ने कर्म...

कर्मसिद्धांत- नये परिप्रेक्ष्य में

कर्मसिद्धांत- नये परिप्रेक्ष्य में

डॉ. सुभाष चन्द्र जैन कर्म सिद्धान्त की चर्चा में कर्म शब्द का उपयोग दो विभिन्न प्रसंग में किया जाता है। प्राणी...

कर्मवाद का मनोवैज्ञानिक पहलू

कर्मवाद का मनोवैज्ञानिक पहलू

कर्मवाद भारतीय दर्शन का एक प्रतिष्ठित सिद्धांत है। उस पर लगभग सभी पुनर्जन्मवादी दर्शनों ने विमर्श प्रस्तुत किया है। ‘‘...

कर्म सिद्धान्त का वैज्ञानिक विश्षलेण

कर्म सिद्धान्त का वैज्ञानिक विश्षलेण

विश्व शाश्वतिक अनादि—अनंत है। इस शाश्वतिक विश्व में संचरण करने वाले जीव भी अनादि से हैं। विश्व में जीव को परिभ्रमण कराने...

कर्म और पुनर्जन्म की व्याख्या

कर्म और पुनर्जन्म की व्याख्या

संसार का प्रत्येक प्राणी सुख की इच्छा करता है और दु:ख से डरता है इसलिए जिनेन्द्र देव ने दु:ख को...

आधुनिकतम मस्तिष्क सम्बन्धी खोजें जैन कर्म सिद्धान्त के परिप्रेक्ष्य में

आधुनिकतम मस्तिष्क सम्बन्धी खोजें जैन कर्म सिद्धान्त के परिप्रेक्ष्य में

सारांश विगत सदी में भौतिक शास्त्र, गणित तथा जीव विज्ञान में हुए आविष्कार एवं खोज से हमने प्रकृति के अनेक...